कोरबा में सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर फिर उठे सवाल, नई सड़क बनने के कुछ ही दिनों बाद उखड़ने लगी
कोरबा। जिले के गांवों और वनांचल क्षेत्रों में विकास कार्यों के नाम पर हो रही लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। वर्षों के इंतजार के बाद ग्रामीणों को मिलने वाली सड़क सुविधा भी अब भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत बनाई गई सड़क निर्माण के कुछ ही दिनों बाद उखड़ने लगी है, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।
मामला कोरबा ब्लॉक के ग्राम पंचायत डोकरमना से पहाड़ी कोरवा बस्ती चिरईझुंझ तक बनाई गई लगभग 4.62 किलोमीटर लंबी सड़क का है। करीब 2 करोड़ 43 लाख 21 हजार रुपए की लागत से बनी इस सड़क की हालत इतनी खराब है कि इसकी परतें प्याज के छिलकों की तरह आसानी से उखड़ रही हैं। सड़क निर्माण का कार्य श्री साईं एसोसिएट, रायगढ़ द्वारा कराया गया है। निर्माण पूर्णता की तिथि 2 सितंबर 2025 दर्ज है, जबकि सड़क के पांच वर्षों के संधारण के लिए अलग से 21.81 लाख रुपए की राशि भी निर्धारित की गई है।
ग्रामीणों को उम्मीद थी कि वर्षों बाद बनी यह सड़क उनके लिए राहत लेकर आएगी। खासकर बरसात के दिनों में आवागमन आसान होगा और पहाड़ी कोरवा बस्ती तक बेहतर संपर्क स्थापित हो सकेगा। लेकिन सड़क बनने के एक माह के भीतर ही उसकी परत उखड़ने लगी, जिससे निर्माण गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता मानकों की खुली अनदेखी की गई। जल्दबाजी में काम पूरा कर केवल औपचारिकता निभाई गई। सवाल यह भी उठ रहा है कि यदि सड़क की मोटाई, डामर की मात्रा और बेस लेयर की तकनीकी जांच सही तरीके से हुई थी, तो सड़क इतनी जल्दी खराब कैसे हो गई?
इस मामले में विभागीय इंजीनियर, उप अभियंता, एसडीओ और गुणवत्ता नियंत्रण टीम की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। ग्रामीणों का कहना है कि संभवतः गुणवत्ता परीक्षण केवल कागजों में पूरा दिखा दिया गया। अब क्षेत्रवासियों ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच कर जिम्मेदार ठेकेदार और अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।


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