रिस्दा गांव मे श्री मद भागवत पुराण के साथ महाशिवरात्रि पर किया गया रुद्राभिषेक,

जांजगीर चाम्पा जिला के कुटिघाट रिस्दा गांव मे इस दिनों 21 कुण्डीय शिव शक्ति महा यज्ञ का आयोजन किया गया है, इस महा यज्ञ के साथ संगीतमय श्रीमद भागवत कथा हो रहा है,, श्री वृन्दावन से पहुंची विदुषि आराध्या द्विवेदी ब्यासपीठ की आसन्धि से कथा कह रही है, इस आयोजन मे रिस्दा के ग्राम वासी और आस पास के श्रद्धालु बड़ी संख्या मे पहुंच कर श्रीमद भागवत का श्रवण कर रहे है,,

बिलासपुर जांजगीर शिवरी नारायण नेशनल हाइवे से स्थित रिस्दा गांव मे महाशिवरात्रि का पर्व धूमधाम के साथ मनाया गया,, यहाँ 11 फ़रवरी से 17 फ़रवरी तक आयोजित 21 कुंडात्मक श्री शिव शक्ति महायज्ञ और श्री मद भागवत कथा का आयोजन किया गया है, जिसमे वृन्दावन धाम से आई विदुषी आराध्या द्विवेदी श्री मद भागवत की कथा जन मानस को सुना रही है,, जिसमे काल परिवर्तन से लेकर भगवान विष्णु के अवतारो का वर्णन किया, उन्होंने कृष्ण जी के जन्म का विवरण करते हुए कहा कि जब नन्द बाबा के घर कृष्ण जी पहुचे तब पूरा नगर झूम उठा और नन्द बाबा के घर आनंद समय गया,, वही कंश को जब पता चला कि उसका काल जन्म ले चूका है तब कंश ने गोकुल के बच्चो को मारना शुरु कर और पूतना भी कृष्ण जी को मारने के लिए सुन्दर स्त्री का रूप धारण कर पहुंची, और अपने स्तन मे जहर लगा कर कृष्ण को दूध पिलाई,, और कान्हा ने पूतना को परलोक पंहुचा,, पूतना के इस गति को प्रारबद्ध को श्रद्धालुओं को बताया,

राजा बली की पुत्री बनी पूतना, ईश्वर से निष्कपट जुड़ने से ईश्वर प्राप्त होते है,

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विदुषी आराध्या द्विवेदी के बताया कि पूतना पूर्व जन्म मे राजा बली की पुत्री थी, जब विष्णु भगवान वामन रूप मे राजा बली के पास पहुचे तब पुत्री के मन मे वामन भगवान जैसी पुत्र पाने की कामना की थी, वही जब वामन भगवान ने राजा बली से तीन पग स्थान मांग कर तीनो लोक को नाप दिया तब बली के पुत्री के मन मे वामन भगवान जैसे पुत्र को दूध मे जहर डाल कर पिलाने कि कामना कर डाली, जिसके कारण दूसरे जन्म मे पूतना के रूप मे भगवान कृष्ण को दूध पिलाने का सौभाग्य मिला और मोक्ष प्राप्त हुई,,

रिस्दा गांव मे 21 कुंडात्मक श्री शिव शक्ति महा यज्ञ कर्ता श्री श्री 1008 श्री स्वामी योगी सत्यानंद गिरी महराज मानस मंथन जूना अखाडा वृन्दावन धाम से पहुचे है,,उन्होंने कहा कि एक साल पहले भी छत्तीसगढ़ के जांजगीर जिला जावलपूर मे यज्ञ करने का सौभाग्य मिला था, उन्होंने कहा यज्ञ से ना केवल मन की विकार दूर होती है बल्कि सुख, शांति समृद्धि की प्राप्ति होती है, इसके अलावा यज्ञ से निकले धुँआ से रोगों का निदान होता है, वातावरण स्वच्छ होता है और ये किसी एक गांव या शहर के. लिए बल्कि विश्व कल्याण के मकसद से किया जाता है,, उनजोने कहा कि महा शिव रात्रि के दिन शिव जी का श्रृंगार कर अभिषेक किया गया,, जिसमे हजारो कि संख्या मे श्रद्धालु भी शामिल हुए और भगवान बोले बाबा से सूख, शांति और समृद्धि की कामना की,,

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