
CG:– युवती के अपहरण की वारदात को पुलिस ने गंभीरता से लेते हुए महज कुछ ही घंटों में सुलझा लिया। पुलिस ने मनेंद्रगढ़ की ओर भाग रहे चार अंतर्राज्यीय आरोपियों को गिरफ्तार कर अपहृत युवती को सुरक्षित बरामद कर लिया है। मुख्य आरोपी पहले से विवाहित था, इसके बावजूद वह युवती से शादी करना चाहता था। युवती द्वारा इंकार किए जाने पर उसने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर अपहरण की साजिश रची।
Ambikapur अंबिकापुर।
किराए के मकान के पास से युवती के अपहरण के मामले में पुलिस ने अंतर्राज्यीय गिरोह के चार सदस्यों को दबोचा है। जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी युवती से शादी करना चाहता था, लेकिन शादीशुदा होने के कारण युवती ने साफ मना कर दिया था। इसी बात से नाराज होकर आरोपी ने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर युवती का अपहरण कर लिया। पुलिस ने मनेंद्रगढ़ के पास नाकेबंदी कर कार समेत आरोपियों को पकड़ते हुए युवती को सकुशल मुक्त कराया। यह कार्रवाई थाना गांधीनगर और थाना मनेंद्रगढ़ पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा की गई।
प्रार्थी हिरालाल साहू, निवासी फुन्दुरडिहारी तुर्रापानी, थाना गांधीनगर, ने 15 जनवरी को थाना पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। प्रार्थी ने बताया कि उसके मकान में एक युवती करीब 15 दिनों से किराए पर रह रही थी और पास के क्षेत्र में काम करती थी। 15 जनवरी की शाम अचानक शोर मचा कि युवती का अपहरण हो गया है। बाहर निकलने पर आसपास के लोगों ने बताया कि कुछ लोग युवती का रास्ता रोककर जबरन कार में बैठाकर ले गए। घटना के दौरान युवती के चीखने-चिल्लाने की आवाज भी लोगों ने सुनी, वहीं कुछ लोगों ने कार का पीछा भी किया। आरोपी कार सवार युवती को सरगंवा-सकालो रोड की ओर ले जाते देखे गए। अपहरण में स्विफ्ट डिजायर कार क्रमांक MP 13 CC 4342 का उपयोग किया गया था। किसी अनहोनी की आशंका पर प्रार्थी ने तत्काल थाना गांधीनगर में रिपोर्ट दर्ज कराई।
प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना गांधीनगर में अपराध क्रमांक 30/26, धारा 126(2), 140(2), 3(5) बीएनएस के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई। वरिष्ठ अधिकारियों को घटना से अवगत कराते हुए मार्गदर्शन प्राप्त किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सरगुजा राजेश कुमार अग्रवाल ने पुलिस टीम को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए और आरोपियों के भागने के सभी संभावित रास्तों पर नाकेबंदी लगाने के आदेश दिए। विवेचना के दौरान पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले, जिसमें कुछ लोग युवती को जबरन कार में बैठाते हुए नजर आए।
अपहृता की तलाश के दौरान साइबर सेल से तकनीकी जानकारी प्राप्त की गई, जिससे युवती के कोरिया–मनेंद्रगढ़ मार्ग की ओर ले जाए जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने कंट्रोल रूम के माध्यम से अन्य जिलों को अलर्ट कर वायरलेस के जरिए नाकेबंदी कराई। इसी दौरान थाना मनेंद्रगढ़ पुलिस ने संदिग्ध वाहन को रोक लिया। कार में मौजूद युवती पुलिस को देखकर रोने लगी। पुलिस ने कार सवार व्यक्तियों को हिरासत में लेकर थाना मनेंद्रगढ़ में रखा।
थाना गांधीनगर की टीम मौके पर पहुंची और युवती से पूछताछ कर घटना की पुष्टि की। इसके बाद चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर थाना गांधीनगर लाया गया।
शादी की जिद में रची गई थी साजिश :–
महिला अधिकारी के समक्ष दिए गए बयान में युवती ने बताया कि आरोपी रामप्रसाद और उसके तीन साथियों ने उसे जबरन खींचकर कार में बैठाया और रास्ते में जान से मारकर फेंक देने की धमकी दी। जांच में आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य पाए गए।
गिरफ्तार आरोपियों में—
रामप्रसाद तंवर (32 वर्ष) निवासी भवानीपुरा, थाना भोजपुर, जिला राजगढ़ (मध्यप्रदेश),
लाल चंद्र (26 वर्ष) पिता मदन लाल, निवासी भौईकला, थाना वालंता, जिला झालावाड़ (मध्यप्रदेश),
कमलेश तंवर (19 वर्ष) पिता अमर सिंह, निवासी राजगढ़, जिला राजगढ़ (मध्यप्रदेश),
भंवर लाल (22 वर्ष) पिता राम सिंह, निवासी विडीवैड, थाना भोजपुर, जिला राजगढ़ (मध्यप्रदेश) शामिल हैं।
पूछताछ में मुख्य आरोपी रामप्रसाद ने बताया कि वह पहले से शादीशुदा है और कुछ वर्ष पहले उसकी युवती से जान-पहचान हुई थी। दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और उसने शादी का प्रस्ताव रखा, लेकिन शादीशुदा होने की जानकारी मिलने पर युवती ने इंकार कर दिया। इसी से नाराज होकर उसने अपने साथियों के साथ मिलकर अपहरण की योजना बनाई।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त स्विफ्ट डिजायर कार MP 13 CC 4342 और चार मोबाइल फोन जब्त किए हैं। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है।

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