Bilaspur High Court Update: सिम्स की अव्यवस्थाओं पर कड़ी सुनवाई, सुधार और मशीन खरीदी ,डीन ने एक महीने की प्रगति रिपोर्ट सौंपी, CGMSC ने टेंडर स्थिति बताई

Bilaspur Highcourt News:– सिम्स की अव्यवस्थाओं और जरूरी मशीनों की कमी को लेकर चल रही जनहित याचिका की सुनवाई में मंगलवार को हाईकोर्ट को पूरी अपडेटेड स्थिति बताई गई। कोर्ट के निर्देश पर सिम्स के डीन ने हलफनामा पेश करते हुए बीते एक महीने में हुए बदलावों, सुधारों और प्रबंधन द्वारा उठाए गए कदमों का ब्योरा दिया। वहीं CGMSC ने मशीन खरीदी के टेंडर को लेकर अपना पक्ष रखा। कोर्ट ने अब तक किए गए प्रयासों को सकारात्मक तो माना, लेकिन यह भी स्पष्ट कर दिया कि ‘स्थायी सुधार के लिए निगरानी जारी रहेगी।’


Bilaspur बिलासपुर। सिम्स में सिस्टम सुधारने और मेडिकल उपकरणों की नई खरीदी से जुड़ी प्रगति रिपोर्ट हाईकोर्ट के सामने पेश कर दी गई है। डीन द्वारा दाखिल शपथ पत्र में बताया गया कि अस्पताल में मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए ड्रग डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर में अतिरिक्त काउंटर शुरू किए गए, जिससे सुबह–शाम लगने वाली लंबी लाइने कम हुई हैं। लैब की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए NABL की वर्कशॉप आयोजित की गई और टेक्नीशियनों को सैंपलिंग से लेकर रिपोर्टिंग तक के मानकों पर ट्रेनिंग दी गई।

नवजात शिशु सप्ताह के दौरान अस्पताल में नवजात देखभाल, स्वच्छता और संक्रमण नियंत्रण पर विशेष कार्यक्रम हुए, जबकि विश्व एड्स दिवस पर जागरूकता अभियान भी चलाया गया।



साफ-सफाई और सुरक्षा की निगरानी अब सीधे डीन के हाथ

अस्पताल में स्वच्छता और सुरक्षा पर लगातार नजर रखने के लिए एक अलग व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया है, जिसे डीन और मेडिकल सुपरिंटेंडेंट खुद मॉनिटर कर रहे हैं।
अधिकारियों ने बताया कि अब रात में और छुट्टियों के दिनों में भी सीनियर डॉक्टर राउंड ले रहे हैं ताकि मरीजों को बिना बाधा इलाज मिलता रहे।

ठंड में मरीजों को 1600 कंबल, 96 एयर स्टरलाइज़र लगाने की प्रक्रिया शुरू

तेज सर्दी को देखते हुए अस्पताल में भर्ती मरीजों को 1600 कंबल बांटे गए। इसके अलावा 96 एयर स्टरलाइजर और HEPA फिल्टर मशीनें लगाने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ चुकी है। प्रशासनिक मंजूरी मिलते ही टेंडर को अंतिम रूप दिया जाएगा।



CGMSC की रिपोर्ट: टेंडर में 5 बिडर, मशीनें 5 कैटेगरी में

CGMSC ने हाईकोर्ट को बताया कि मेडिकल उपकरणों की खरीदी के लिए जारी टेंडर में पांच बिडर सामने आए हैं। मशीनों को पांच अलग–अलग कैटेगरी में बांटा गया है और हर कैटेगरी में कम से कम तीन बिडर मिलने पर ही टेंडर फाइनल किया जाएगा।
तकनीकी मूल्यांकन 4–5 दिनों में पूरा होने की उम्मीद है और इसके बाद इस महीने के भीतर आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।


डिवीजन बेंच के मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति बीडी गुरु ने कहा कि अब तक दिख रही पहलें सही दिशा में हैं, लेकिन स्थायी सुधार सुनिश्चित करने के लिए कोर्ट की मॉनिटरिंग अभी जारी रहेगी।
अब अगली सुनवाई 17 दिसंबर को होगी, जिसमें आगे की प्रगति हाईकोर्ट के समक्ष रखी जाएगी।

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*


This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.