Mahadev Satta App:- महादेव सट्टा एप केस में अब तक 70 एफआईआर दर्ज, 300 आरोपियों की गिरफ्तारी, करीब तीन हजार संदिग्ध अब भी पुलिस की निगरानी में, कई रसूखदार चेहरे भी शामिल

Mahadev Satta App:- महादेव ऑनलाइन सट्टा एप मामले में दुर्ग पुलिस की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। इस प्रकरण में अब तक कुल 70 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं, जबकि लगभग 300 लोगों को हिरासत में लिया गया है। अब पुलिस ने इस पूरे नेटवर्क से जुड़े करीब तीन हजार संदिग्धों की सूची तैयार कर ली है। इस सूची में प्रशासनिक अफसरों, पुलिस अधिकारियों, राजनेताओं और कुछ पत्रकारों के नाम भी शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस जल्द ही पुख्ता सबूत जुटाकर इनके खिलाफ गिरफ्तारी और संपत्ति जब्ती की कार्रवाई शुरू करेगी।

Durg दुर्ग। महादेव सट्टा एप को लेकर जहां एक ओर सीबीआई और ईडी की जांच चल रही है, वहीं दूसरी ओर दुर्ग पुलिस भी लगातार कार्रवाई का दायरा बढ़ा रही है। अब तक इस मामले में 70 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं और करीब 300 लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। दुर्ग पुलिस ने अब उन लगभग तीन हजार लोगों को चिह्नित किया है, जो किसी किसी रूप में इस अवैध सट्टा कारोबार से जुड़े रहे हैं या इससे लाभ उठाते रहे हैं। जांच में प्रमाण सामने आते ही इनकी गिरफ्तारी और संपत्ति जब्ती की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसकी पुष्टि दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल ने स्वयं की है।

मिली जानकारी के अनुसार तैयार की गई सूची में सिर्फ सटोरियों के ही नाम नहीं, बल्कि सरकारी अधिकारीकर्मचारी, पुलिस के जवान अफसर, स्थानीय और प्रदेश स्तर के नेता तथा कुछ मीडियाकर्मी भी शामिल हैं। इस पूरे मामले की सीबीआई और ईडी द्वारा समानांतर जांच भी जारी है।

पीएम मोदी भी उठा चुके हैं मामला:–

विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान दुर्ग प्रवास पर आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी महादेव सट्टा एप का मुद्दा सार्वजनिक रूप से उठाया था। जांच में यह तथ्य सामने आया है कि इस एप का जाल दुर्ग जिले के गांवगांव तक फैल चुका था। युवाओं को मोटी कमाई का लालच देकर इससे जोड़ा गया, जबकि कॉल सेंटर और कस्टमर सपोर्ट एजेंटों के जरिए लाखों यूजर तैयार किए गए।

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छापेमारी और गिरफ्तारियां:–

स्थानीय स्तर के संचालक बेहद कम समय में अकूत संपत्ति और लग्जरी गाड़ियों के मालिक बन गए थे। सट्टे से हर दिन करोड़ों पये की रकम डिजिटल माध्यमों के जरिए दुबई में बैठे मुख्य संचालक सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल तक पहुंचाई जा रही थी। दुर्ग पुलिस ने प्रदेश के भीतर ही नहीं बल्कि अन्य राज्यों में भी ताबड़तोड़ छापेमारी कर कई लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनके तार सीधे दुर्ग नेटवर्क से जुड़े पाए गए। गिरफ्तार आरोपियों से अहम डिजिटल डेटा और बैंकिंग लेनदेन से जुड़ी जानकारियां भी पुलिस के हाथ लगी हैं।

दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल ने मीडिया से चर्चा में कहा कि महादेव सट्टा एप से जुड़े आरोपी चाहे समाज के किसी भी वर्ग से क्यों आते हों, और चाहे वे राजनीतिक, प्रशासनिक या सामाजिक रूप से कितने भी प्रभावशाली क्यों हों, यदि उनके खिलाफ ठोस साक्ष्य मिलते हैं तो उन पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आने वाले दिनों में बड़े स्तर पर गिरफ्तारियां, संपत्ति जब्ती और आर्थिक अपराध से जुड़ी कार्रवाई की जाएगी।

गिरफ्तार किए गए प्रमुख लोग:–

कारोबारी: अनिल दम्मानी, सुनील दम्मानी, अनिल कुमार अग्रवाल, रोहित गुलाटी, विशाल आहुजा, हरीशंकर तिबरवाल, सुरेंद्र बागड़ी

पुलिसकर्मी: चंद्रभूषण वर्मा, भीम सिंह, अर्जुन यादव

ईओडब्ल्यू एफआईआर में शामिल: पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

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