
Raipur रायपुर। रिटायरमेंट से महज दो महीने पहले एसडीआरएफ एंड फायर सर्विसेज के डीआईजी सुरेश कुमार ठाकुर का अचानक निधन हो गया। वे गुरुवार सुबह अपने सरकारी आवास में बिस्तर पर मृत अवस्था में पाए गए। प्रारंभिक जांच में हार्ट अटैक को मौत का कारण बताया जा रहा है। आज उनके पैतृक ग्राम बालोद जिले के तरौद में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
सूत्रों के अनुसार, डीआईजी ठाकुर हाल ही में बिलासपुर से रायपुर स्थानांतरित हुए थे और दो माह पहले उन्होंने यहां पदभार संभाला था। रायपुर में वे शासकीय आवास में अकेले रह रहे थे, जबकि उनकी पत्नी बिलासपुर में थीं।
बुधवार की रात वे सामान्य रूप से भोजन कर सोने चले गए, लेकिन गुरुवार सुबह देर तक जब वे नहीं जागे, तो चौकीदार ने आवाज लगाई। कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर उसने दरवाजा तोड़ा और अंदर जाकर देखा तो डीआईजी ठाकुर बिस्तर पर अचेत पड़े थे। तत्काल अन्य कर्मचारियों को सूचना दी गई और उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पैतृक गांव में दी गई अंतिम विदाई
डीआईजी सुरेश कुमार ठाकुर का अंतिम संस्कार उनके गृहग्राम तरौद (बालोद) में किया गया। इस दौरान उन्हें राजकीय सम्मान (गार्ड ऑफ ऑनर) प्रदान किया गया। पूरे क्षेत्र में उनके निधन की खबर से शोक की लहर दौड़ गई।
दो महीने बाद होना था रिटायरमेंट
डीआईजी ठाकुर की सेवानिवृत्ति 31 दिसंबर 2025 को होने वाली थी। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जिला सेनानी के रूप में पीएससी परीक्षा में चयनित होकर की थी और अपने कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।
परिवार में अधिकारी परंपरा
सुरेश कुमार ठाकुर का बेटा पंकज ठाकुर पुलिस विभाग में डीएसपी पद पर कोरबा जिले में पदस्थ है, जबकि उनकी पत्नी माधुरी सोम कोरबा में डिप्टी कलेक्टर हैं। उनकी बेटी प्रतिभा रानी ठाकुर डॉक्टर हैं।
उनकी अचानक मृत्यु से पुलिस महकमे और प्रशासनिक सेवा जगत में गहरा दुख और शोक का माहौल है।
