CG Health News: ग्राम पंचायत पंडरापथरा (बेलगहना) में विकासखण्ड स्तरीय आयुष स्वास्थ्य शिविर कल

विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा निःशुल्क परामर्श व उपचार, आयुर्वेद से बढ़ेगा स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश

बेलगहना (जिला बिलासपुर)। ग्रामीण अंचल में स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाने और आयुर्वेद के महत्व को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से विकासखण्ड स्तरीय आयुष स्वास्थ्य जागरूकता एवं चिकित्सा शिविर का आयोजन किया जा रहा है।

निःशुल्क शिविर आज 13 अक्टूबर 2025, सोमवार को ग्राम पंचायत भवन, ग्राम पंडरापथरा (तहसील बेलगहना, जिला बिलासपुर) में आयोजित किया जाएगा। शिविर का शुभारंभ सुबह 10 बजे से किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भागीदारी की संभावना है।

यह आयोजन शासकीय आयुर्वेद औषधालय बेलगहना के तत्वावधान में तथा संचालनालय आयुष विभाग, छत्तीसगढ़ के सौजन्य से किया जा रहा है। कार्यक्रम के निर्देशन में डॉ. यशपाल सिंह ध्रुव, जिला आयुर्वेद अधिकारी बिलासपुर, और संचालन में डॉ. विजेता पाण्डेय, आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी बेलगहना रहेंगे।

शिविर में अनुभवी आयुर्वेद विशेषज्ञ चिकित्सक उपस्थित रहेंगे, जो ग्रामीण अंचल के नागरिकों को विभिन्न दीर्घकालिक, जटिल व कष्टदायक रोगों के निःशुल्क परामर्श और उपचार की सुविधा प्रदान करेंगे। इसमें जोड़ों का दर्द, गठिया, कमर व गर्दन दर्द, सोरायसिस, सफेद दाग, एक्जिमा, दाद, खुजली, बवासीर, भगंदर, कब्ज, अम्लपित्त, पेट फूलना, सर्दी, खांसी, दमा, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, मोटापा और स्त्री रोग जैसी बीमारियों के निदान व उपचार की व्यवस्था की गई है।

शिविर में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को न केवल चिकित्सा सुविधा मिलेगी, बल्कि रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने हेतु आयुष काढ़ा वितरण कार्यक्रम भी किया जाएगा। इसके माध्यम से लोगों को प्राकृतिक चिकित्सा और घरेलू उपचार के महत्त्व के बारे में बताया जाएगा ताकि वे दैनिक जीवन में आयुर्वेद को अपनाकर स्वस्थ रह सकें।

आयुष विभाग का यह प्रयास ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने और वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति को लोकप्रिय बनाने की दिशा में एक सराहनीय कदम है। आधुनिक जीवनशैली के बीच बढ़ते तनाव, अनियमित खानपान और शारीरिक निष्क्रियता के कारण आम नागरिक कई रोगों से ग्रसित हो रहे हैं। ऐसे में आयुर्वेद न केवल उपचार का माध्यम है, बल्कि एक संतुलित और रोगमुक्त जीवन जीने की जीवनशैली भी प्रदान करता है।

शिविर के दौरान चिकित्सक लोगों को यह भी बताएंगे कि किस प्रकार जड़ी-बूटियों और प्राकृतिक औषधियों के प्रयोग से गंभीर रोगों से बचा जा सकता है। साथ ही, आयुष विभाग की विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी भी दी जाएगी, ताकि लोग नियमित रूप से सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा सकें।

आयुष विभाग ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस शिविर में पहुंचें और निःशुल्क चिकित्सा सेवाओं का लाभ उठाएं। साथ ही, आसपास के गांवों के निवासियों को भी इस आयोजन की जानकारी दें ताकि कोई भी व्यक्ति इस अवसर से वंचित न रहे

संदेश: “आयुर्वेद अपनाएं – स्वस्थ जीवन पाएं!”

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