Bilaspur News:– रावण दहन पर टकराव, अनुमति को लेकर खींचतान, चार साल से आयोजन कर रही समिति को नकारा, नए चेहरे को मिली इजाजत पर मचा संग्राम

Bilaspur News:– रावण दहन पर टकराव, अनुमति को लेकर खींचतान, चार साल से आयोजन कर रही समिति को नकारा, नए चेहरे को मिली इजाजत पर मचा संग्राम

Bilaspur News:– दशहरे से पहले बिलासपुर का साइंस कॉलेज मैदान विवादों का केंद्र बन गया है। लगातार पांच वर्षों से यहां रावण दहन का कार्यक्रम आयोजित करने वाली अरपांचल लोक मंच समिति को इस बार अनुमति नहीं दी गई है। समिति ने इसे राजनीति से प्रेरित कदम बताते हुए कहा है कि अगर 48 घंटे के भीतर अनुमति बहाल नहीं हुई तो वे आक्रोशित आंदोलन करेंगे।

Bilaspur। पिछले चार सालों से साइंस कॉलेज मैदान पर रावण दहन आयोजित करने वाली अरपांचल लोक मंच समिति को इस बार प्रशासन ने अनुमति देने से इंकार कर दिया। इसके स्थान पर सरकंडा निवासी सिद्धार्थ भारती को अनुमति प्रदान कर दी गई। समिति ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नाराजगी जताई और कहा कि यह निर्णय अन्यायपूर्ण है। अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा ने बताया कि 2021 से लगातार यह आयोजन समिति की ओर से कराया जाता रहा है, जिसमें कांग्रेस और भाजपा के नेता, सामाजिक संगठन और बड़ी संख्या में आमजन शामिल होते रहे हैं। इस वर्ष भी 31 जुलाई को साइंस कॉलेज प्राचार्य को आवेदन सौंपा गया था, लेकिन बाद में यह तर्क दिया गया कि निर्धारित प्रारूप में आवेदन देना होगा। इसी बीच सिद्धार्थ भारती ने भी आवेदन दिया और प्रशासन ने उन्हें अनुमति दे दी।

प्रशासन की ओर से स्पष्टीकरण
समिति के विरोध के बावजूद एसडीएम मनीष साहू द्वारा जारी पत्र में उल्लेख किया गया कि एडिशनल एसपी की रिपोर्ट के आधार पर विजयादशमी पर्व का आयोजन करने की अनुमति सिद्धार्थ भारती को दी गई है। इस कारण समिति का आवेदन निरस्त कर दिया गया।

समिति पदाधिकारियों का रोष
समिति पदाधिकारियों का कहना है कि यह कदम लोकतांत्रिक अधिकारों पर कुठाराघात है और प्रशासन की कार्यशैली तानाशाही जैसी है। उन्होंने कहा कि चाहे जेल क्यों न जाना पड़े, रावण दहन कार्यक्रम साइंस कॉलेज मैदान में ही होगा। साथ ही उन्होंने यह भी चेताया कि आवश्यकता पड़ने पर वे अदालत भी जाएंगे और बेलतरा विधायक से इस प्रकरण में हस्तक्षेप की मांग करेंगे।

उठाए गंभीर सवाल

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1) उठाए-जब आवेदन 7 अगस्त को जमा कर दिया गया था, तो फिर 18 अगस्त को आए नए आवेदन को क्यों प्राथमिकता दी गई?

2) एक पंजीकृत समिति की अनदेखी कर केवल एक व्यक्ति को कैसे अनुमति दी गई?

3) किसके दबाव में प्राचार्य और प्रशासन ने यह निर्णय लिया?

समिति ने यह भी आरोप लगाया कि कॉलेज प्राचार्य स्वयं स्वीकार कर चुके हैं कि उनके ऊपर दबाव है। शुरुआत में निगम और पुलिस अधिकारी एनओसी देने को तैयार थे, लेकिन बाद में यह कहते हुए मना कर दिया गया कि ऊपर से दबाव है कि अरपांचल समिति को अनुमति न मिले।

विधायक से अपेक्षा और चेतावनी
समिति पदाधिकारियों ने बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला से अपील की है कि वे इस प्रकरण में दखल देकर क्षेत्रवासियों को रावण दहन की अनुमति दिलवाएं। उन्होंने कहा कि अगर दो दिन में अनुमति नहीं दी गई तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे और हर हाल में साइंस कॉलेज मैदान में ही रावण दहन करेंगे।

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