छत्तीसगढ़ के कांकेर में वर्दीधारी इंसानियत भूला: 10 से ज्यादा बेजुबान डॉग्स को गोलियों से भूना! नदी किनारे फेंके शव; वीडियो भी आया सामने; DIG ने कहा- मामले ही होगी जांच

कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले से एक बेहद चौंकाने वाला और अमानवीय मामला सामने आया है, जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। आरोप है कि, जिस पुलिस को जनता की रक्षा के लिए नियुक्त किया गया है, उसी वर्दीधारी पुलिस अफसर ने 10 मासूम स्ट्रीट डॉग्स को बेरहमी से गोली मारकर मार डाला। यही नहीं, इन बेजुबानों के शवों को बोरे में भरकर नदी किनारे फेंकवा दिया गया और यह सबकुछ न्यू पुलिस लाइन के भीतर ही हुआ।

पशुप्रेमी और स्थानीय लोगों के अनुसार, घटना 8 जुलाई से 10 जुलाई के बीच की बताई जा रही है। न्यू पुलिस लाइन कांकेर में रहने वाले एक टीआई (थाना प्रभारी) ने न सिर्फ इन कुत्तों को अपनी बंदूक से मार गिराया, बल्कि खुलेआम उनके शवों को बोरे में भरवाकर पास की नदी में फिकवा दिया। इस पूरे कृत्य का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि एक पुलिसकर्मी की मौजूदगी में कुत्तों के शव फेंके जा रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है। लेकिन इस बार की क्रूरता ने सबकी आत्मा झकझोर दी है। क्या वर्दीधारी अब खुद ही कानून तोड़ेंगे? क्या बेजुबानों की जान की कोई कीमत नहीं? कुत्ते कोई अपराधी नहीं थे। वो भी इस धरती पर जीने का हक रखते हैं। अगर किसी को उनसे दिक्कत थी तो प्रशासन के पास कई मानवीय विकल्प होते हैं, जैसे नसबंदी, रेस्क्यू, शेल्टर भेजना। लेकिन यहां गोलियों से न्याय किया गया।यह घटना सिर्फ पशु प्रेमियों के लिए नहीं, हर इंसान के लिए शर्म की बात है।

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लोग तो पुलिस के पास अपनी सुरक्षा के लिए जाते हैं, लेकिन जब खुद पुलिस ही ऐसी दरिंदगी करने लगे, तो फिर न्याय की उम्मीद किससे की जाए? अगर पुलिस कानून तोड़ेगी, तो फिर आम लोगों से क्या उम्मीद की जा सकती है? मामला तूल पकड़ने के बाद डीआईजी अमित तुकाराम कांबले ने जांच के आदेश दे दिए हैं।

लेकिन सवाल ये है –

  • क्या दोषी पुलिस अफसर पर कार्रवाई होगी?
    -क्या बेजुबानों के लिए भी न्याय की व्यवस्था है?
  • क्या इस घटना के बाद छत्तीसगढ़ पुलिस अपने अधिकारियों को संवेदनशीलता सिखाएगी?

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