विवादों में गौरी गणेश परियोजना: आबादी, स्कूल और मंदिर के पास प्लांट का विरोध; जनसुनवाई स्थगित करने की मांग

रायपुर-तिल्दा। रायपुर जिले के तिल्दा जनपद क्षेत्र (क्षेत्र क्रमांक 14 रायखेड़ा) के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत मढ़ी में गौरी गणेश इस्पात प्राइवेट लिमिटेड के प्रस्तावित विस्तार (द्वितीय यूनिट) को लेकर ग्रामीणों का कड़ा विरोध शुरू हो गया है। ग्रामीणों और जनपद सदस्य ने छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल को शिकायत सौंपकर आगामी पर्यावरण जनसुनवाई को तुरंत स्थगित करने की मांग की है।

???? विरोध के मुख्य कारण (ग्रामीणों के आरोप)

शासकीय भूमि पर उद्योग: ग्रामीणों का आरोप है कि यह भारी उद्योग पटवारी हल्का नंबर-35 के खसरा नंबर 38/1 की लगभग 45.405 हेक्टेयर शासकीय भूमि पर प्रस्तावित है।

स्कूल और मंदिर से बेहद कम दूरी: प्रस्तावित प्लांट के सामने मात्र 50 मीटर की दूरी पर शासकीय हाई स्कूल है और करीब 150 मीटर की दूरी पर मां बंजारी शक्तिपीठ (धार्मिक स्थल) स्थित है।

स्वास्थ्य और सुरक्षा पर खतरा: घनी आबादी और शैक्षणिक-धार्मिक संस्थानों के इतने करीब भारी उद्योग की स्थापना से स्थानीय निवासियों, विद्यार्थियों और श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य व सुरक्षा पर गंभीर संकट मंडरा सकता है।

???? मौजूदा प्रदूषण से पहले ही बेहाल है क्षेत्र

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि वर्तमान में संचालित प्लांट के कारण क्षेत्र की स्थिति पहले से ही खराब है:

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“प्लांट से निकलने वाली धूल (डस्ट) और काला धुआं लोगों के घरों के भीतर तक पहुंच रहा है। हवा और भारी वाहनों के कारण प्रदूषण चरम पर है, जिससे स्थानीय तालाबों और पर्यावरणीय संतुलन पर बेहद बुरा असर पड़ रहा है।”

ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया और आबादी के बीच इस परियोजना के विस्तार को नहीं रोका गया, तो वे अपने अधिकारों और पर्यावरण की रक्षा के लिए आगे उग्र कदम उठाने को मजबूर होंगे।

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