CG:– जंगल क्यों बार-बार कट रहा है? कोटा रेंज में फिर वही आरोपी, फिर वही चोरी

Kota | कोटा (बिलासपुर) जंगल एक बार फिर गवाही दे रहा है—कानून के डर से ज़्यादा लालच भारी पड़ गया। कोटा रेंज में वन संपदा चोरी के एक मामले में रेगुलर फॉरेस्ट विभाग ने आदतन आरोपी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से चोरी में इस्तेमाल की जा रही पिकअप वाहन और मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है।

वन विभाग के अनुसार, वर्ष 2024–25 के दौरान कोटा रेंज अंतर्गत अवैध कटाई और वन संपदा की तस्करी की लगातार सूचनाएं मिल रही थीं। इसी बीच पुख्ता जानकारी मिली कि एक व्यक्ति पिकअप वाहन से चोरी की गई लकड़ी का परिवहन कर रहा है।

सूचना की पुष्टि होते ही वन अमले ने बिना शोर किए घेराबंदी की—और मौके पर अनिल श्रीवास को चोरी करते हुए पकड़ लिया। जब तलाशी ली गई तो सामने आया कि जिस पिकअप और मोटरसाइकिल का इस्तेमाल किया जा रहा था, वही इस अवैध धंधे का सहारा थीं। दोनों वाहन तुरंत जब्त कर लिए गए।

जेल भी गया… लेकिन नहीं बदली सोच

जांच में जो बात सबसे ज्यादा चौंकाने वाली निकली, वह यह कि आरोपी अनिल श्रीवास कोई नया नाम नहीं है। कुछ माह पहले ही बेलगहना फॉरेस्ट विभाग उसे इसी तरह के वन अपराध में पकड़कर जेल भेज चुका था। जमानत पर बाहर आने के बाद भी आरोपी ने सबक नहीं लिया और फिर से जंगल को निशाना बना लिया।

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वन अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई

रेगुलर फॉरेस्ट विभाग, कोटा रेंज ने आरोपी के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम एवं संबंधित नियमों के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया है। जब्त वाहन और सामग्री को विभागीय अभिरक्षा में सुरक्षित रखा गया है। आरोपी को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया चल रही है।

जंगल पर नजर, अपराधियों पर शिकंजा

वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कोटा रेंज में गश्त और निगरानी और तेज की गई है। अवैध कटाई, परिवहन और तस्करी में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

विभाग ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कहीं भी वन अपराध से जुड़ी संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे, तो तुरंत सूचना दें—क्योंकि जंगल बचेगा, तभी आने वाली पीढ़ियां सांस ले पाएंगी।

वन विभाग की यह कार्रवाई सिर्फ एक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि वन संपदा बचाने का स्पष्ट संदेश है—कि जंगल अब यूं ही नहीं कटेगा।

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