एनएचएम कर्मचारियों की मांगें अब भी अधूरी: 10 दिन बाद भी आदेश जारी नहीं, कर्मचारियों में बढ़ा आक्रोश…?

Nyaydhani News

रायपुर, 29 सितंबर 2025 राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) कर्मचारियों की 33 दिनों तक चली ऐतिहासिक हड़ताल को मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से हुई मुलाक़ात और लिखित आश्वासन के बाद 10 दिन पहले स्थगित कर दिया गया था। लेकिन कर्मचारियों की 10 सूत्रीय मांगों में से 5 को सार्वजनिक रूप से स्वीकार करने की घोषणा के बावजूद अब तक किसी भी मांग पर विभागीय आदेश जारी नहीं हुआ है।

वादों पर अमल का इंतज़ार

स्वास्थ्य मंत्री ने स्वयं घोषणा की थी कि हड़ताल समाप्त होते ही 5% वेतनवृद्धि और 25 बर्ख़ास्त कर्मचारियों की बहाली पर तुरंत कार्रवाई होगी। लेकिन 10 दिन बीत जाने के बाद भी न तो आदेश जारी हुआ और न ही कोई आधिकारिक पत्र सामने आया है। इससे कर्मचारियों में असंतोष और आक्रोश बढ़ रहा है।

लंबित प्रमुख मुद्दे

  • वेतनवृद्धि: 27% लंबित वेतन वृद्धि में से 5% को 1 जुलाई 2023 से लागू करने पर सहमति बनी थी, लेकिन अब तक आदेश नहीं हुआ।

  • कर्मचारी बहाली: 25 बर्ख़ास्त कर्मचारियों की बहाली पर मुख्यमंत्री से सहमति मिलने के बावजूद विभागीय कार्रवाई लंबित है।

कर्मचारियों की उम्मीदें

नवनियुक्त मुख्य सचिव श्री विकास शील से कर्मचारियों को विशेष उम्मीदें हैं। वर्ष 2011 में उन्होंने एनएचएम कर्मचारियों के लिए आवास योजना लागू की थी, जिसका लाभ आज भी मिल रहा है।

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एनएचएम कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमित कुमार मिरी और प्रदेश प्रवक्ता पूरन दास ने कहा,

स्वास्थ्य मंत्री एवं मुख्यमंत्री के आश्वासन पर ही हड़ताल स्थगित की गई थी, लेकिन 5% वेतनवृद्धि और 25 बर्ख़ास्त कर्मचारियों की बहाली पर कोई आदेश नहीं हुआ।

आज होने वाली कैबिनेट बैठक में इन निर्णयों पर मुहर लगने की उम्मीद है।

एनएचएम कर्मचारियों की 10 प्रमुख मांगें

  1. संविलियन एवं स्थायीकरण
  2. ग्रेड पे या वेतनमान निर्धारण
  3. पब्लिक हेल्थ अकादमी एवं पब्लिक हेल्थ कैडर की स्थापना
  4. कार्यमूल्यांकन (सीआर) में पारदर्शिता
  5. लंबित 27% वेतन वृद्धि
  6. नियमित भर्ती में आरक्षण
  7. अनुकंपा नियुक्ति
  8. मेडिकल एवं अन्य अवकाश सुविधा
  9. 10 लाख तक की कैशलेस चिकित्सा बीमा सुविधा
  10. स्थानांतरण नीति

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