दण्ड संहिता से न्याय संहिता की ओर, एक दिवसीय कार्यशाला


बिलासपुर। आने वाले समय में भारतीय कानूनों में बदलाव होने जा रहा है। इस बदलाव के मद्देनजर आज बिलासपुर जिला पुलिस के द्वारा छत्तीसगढ़ प्रदेश के माननीय गृह मंत्री की मंशानुरूप, प्रत्येक जिलों में नवीन कानून के महत्वपूर्ण बदलावों को प्रबुद्धजनों के माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग में इसकी महत्ता व इसकी भावना को पहुंचाया जा सके, इसे ध्यान में रखते हुये आज स्व.लखीराम आॅडिटोरियम में पुलिस महानिरीक्षक महोदय, बिलासपुर रेंज  डॅा. संजीव शुक्ला के मार्गदर्शन एवं उनकी उपस्थिति में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।


वही कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला की उपस्थित हुये तथा माननीय उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष उमाकांत सिंह चंदेल, चंद्रशेखर बाजपेयी अध्यक्ष जिला अधिवक्ता संघ, डा विनोद तिवारी अध्यक्ष इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, डॅा. अखिलेश देवरस अध्यक्ष मेडिकल एसोसिएशन, श्सतीश तिवारी प्राचार्य कौशलेन्द्र राव विधि महाविद्यालय,  हर्ष पाण्डेय संपादक दैनिक भास्कर, प्रवीण शुक्ला संपादक हरिभूमि एवं मो.इरशाद अली अध्यक्ष प्रेस क्लब, जिला बिलासपुर उपस्थित थे।


कार्यशाला में अपना अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुये पुलिस महानिरीक्षक डॅा. संजीव शुक्ला के द्वारा पिछले 160 वर्षों से चली आ रही औपनिवेशिक क़ानूनों की शृंखला में बदलाव करते हुए विशुद्ध रूप से भारतीय समाज की आवश्यकता वि भावनाओं के अनुरूप लाये गये नवीन कानून की महत्ता बताई गई। इसमें मुख्य रूप से अपराधी को दण्ड एवं पीड़ित को न्याय के विशेष प्रावधानों का उल्लेख होना बताया गया। उन्होंने बताया कि महिलाओं की सुरक्षा एवं न्याय को प्राथमिकता, आतंक व संगठित अपराधों के प्रावधान , वैज्ञानिक एवं इलेक्ट्राॅनिक साक्ष्यों के महत्व को इस नये कानून में स्पष्ट किया गया है। इन नये प्रावधानों को उपयोग में लाने के लिये व्यापक स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम व तकनीकी सुविधायें उपलब्ध कराई जायेंगी। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बेलतरा विधायक  सुशांत शुक्ला  ने अपने सम्बोधन में कई कानूनों का उद्धहरण दिया, जिनकी भारतीय समृद्ध समाज में कोई उपयोगिता वर्तमान में नहीं है तथा वर्तमान तकनीकी परिस्थितियों को देखते हुये त्वरित न्याय हेतु प्रावधान नये कानून में किये गये हैं। इसी प्रकार उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष  उमांकात सिंह चंदेल के द्वारा भी इन प्रावधानों के परिपालन के लिये सभी संबंधित विभागों में समन्वय की महत्ता की ओर ध्यान आकृष्ट किया गया। जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष  चंद्रशेखर बाजपेयी के द्वारा भी इस तरह के प्रशिक्षण एवं कार्यशाला को कई अवसरों पर आयोजित किया जाना आवश्यक होना बताया गया, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग नये कानून के प्रति जागरूक हों।

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बिलासपुर जिले के पुलिस अधीक्षक  रजनेश सिंह  के द्वारा एक संक्षिप्त पी.पी.टी. – नवीन कानूनःदण्ड संहिता से न्याय संहिता की ओर ॰  शीर्षक पर प्रस्तुत किया गया। अपने सम्बोधन में नये कानून की महत्ता तथा  प्रधान मंत्री एवं  केन्द्रीय गृह मंत्री द्वारा इस कानून  के संदर्भ में दिये गये महत्वपूर्ण उद्बोधन  व निर्देशों को रेखांकित करते हुये नये कानून के प्रावधानों व विशेषताओं  से उपस्थित समस्त प्रबुद्धजनों को अवगत कराया गया। इन कानूनों में मुख्यतः महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा एवं न्याय, आतंकवाद एवं संगठित अपराध, भारत की सम्प्रभुता, एकता एवं अखंडता के विरूद्ध अपराध, पीड़ित केन्द्रित कानूनी प्रावधान, विवेचना में वैज्ञानिक तकनीक, डिजीटल एवं इलेक्ट्राॅनिक साक्ष्य के प्रावधान, न्यायालयीन प्रक्रिया से संबंधित प्रावधानों व कानून को लागू होने हेतु आगामी कार्ययोजना, प्रशिक्षण, तकनीकी उन्नयन हेतु संसाधन व अन्र्तविभागीय समन्वय पर विस्तृत प्रकाश डाला गया। अंत में पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के द्वारा प्रबुद्धजनों से आग्रह किया गया कि भविष्य में लागू होने वाले इन नवीन कानूनों की विशेषताओं एवं बदलावों को समस्त नागरिकों में इसकी चर्चा-परिचर्चा कर उन्हें नवीन कानून की समझ एवं उपयोगिताओं से अवगत कराना हम सब की जिम्मेदारी है। साथ ही कार्यशाला में उपस्थित समस्त प्रबुद्धजनों का आभार एवं धन्यवाद ज्ञापित कर कार्यक्रम सम्पन्न किया गया।
       उक्त कार्यशाला निश्चित रूप से हमारे समाचार पत्र, डिजिटल प्लेटफार्म, इलेक्ट्राॅनिक मीडिया, अधिवक्ता संघ, चिकित्सा जगत व अन्य प्रबुद्धजनों के माध्यम से बहुत शीघ्र ही आमजन में इसका प्रचार-प्रसार एवं समझ विकसित करेगी।

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